यह घोषणापत्र अर्पित है उन भारतीय नागरिकों व सैनिकों को- जो एक मुर्दा क़ौम में रहते हुए भी- खुद को जिन्दा समझते हैं!

बुधवार, 5 अक्तूबर 2016

अध्याय- 30: नशा


30.1   शराब, सिगरेट, गुटखा-जैसे किसी भी नशीले पदार्थ के किसी भी रुप में विज्ञापन पर प्रतिबन्ध लगाया जायेगा- उल्लंघन करने वाली कम्पनी को बन्द ही कर दिय जायेगा।
30.2   मदिरालय (बार) और शराब की दुकानें सप्ताह में एक दिन शनिवार को दोपहर 12 बजे से बारह घण्टों के लिए खुलेंगी; इस समय के अलावे किसी और समय में शराब खरीदने, बेचने तथा पीने पर प्रतिबन्ध होगा- उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जायेगा। (बेशक, तीन से अधिक बार उल्लंघन करने वालों के लिये जेलयात्रा की व्यवस्था होगी।)
30.3   ग्रामीण एवं कबीलाई इलाकों में पंचायतों से कहा जायेगा कि वे अपने क्षेत्र के नागरिकों को मद्यपान छोड़ने, या फिर, सप्ताह में सिर्फ एक दिन मद्यपान के लिये प्रेरित करें। (जरुरत पड़े, तो सामूहिक रुप से शपथ उठायी जाय।)
30.4   बसन्त काल में महीने भर के लिये उपर्युक्त प्रतिबन्धों में थोड़ी-बहुत छूट दी जायेगी।
30.5   अवैध मादक द्रव्यों के व्यापार से जुड़े अपराध के लिये एक संक्षिप्त अदालती प्रक्रिया (सेना के कोर्ट मार्शल-जैसी) बनायी जायेगी और इस अपराध के दोषियों के लिए मृत्यु पर्यन्त जेल की सजा तय की जायेगी।
30.6   तम्बाकू के स्थान पर कुछ लाभदायक जड़ी-बूटियों (जैसे कि प्रियंगु, बड़ी इलायची, नागकेसर, चन्दन, सुगन्धबाला, तेजपत्र, जटामांसी, गुग्गुल, अगरू, पीपल की छाल इत्यादि) और कागज के स्थान पर किसी पत्ते का इस्तेमाल करते हुए धूम्र-वर्तिकाबनाने का आदेश बीड़ी-सिगरेट कम्पनियों को दिया जायेगा और इस आदेश के एक साल के बाद तम्बाकू तथा कागज से बनने वाली सिगरेट का भारत में उत्पादन एवं आयात बन्द करने पर विचार किया जायेगा- बेशक, तम्बाकू वाली बीड़ी के उत्पादन/आयात को भी बन्द करने पर विचार होगा।
30.7 गुटखों पर भी पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने पर विचार होगा।  

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