यह घोषणापत्र अर्पित है उन भारतीय नागरिकों व सैनिकों को- जो एक मुर्दा क़ौम में रहते हुए भी- खुद को जिन्दा समझते हैं!

शनिवार, 8 अक्तूबर 2016

उन्होंने कहा था-


इन सुधारकों से कह दो, मैं सुधार में विश्वास नहीं करता, मैं आमूल परिवर्तन में विश्वास करता हूँ।
- स्वामी विवेकानन्द

असली स्वराज कुछ लोगों द्वारा सत्ता अधिग्रहण कर लेने पर नहीं आयेगा, बल्कि यह तब आयेगा, जब सारी जनता में इतनी ताकत आ जाये कि जब भी कोई सत्ता का दुरुपयोग करे, तो उसका विरोध कर सकें।
- महात्मा गाँधी

लोकतंत्र की सफलता उसी स्थिति में हो सकती है, जब प्रत्येक नागरिक अन्याय के खिलाफ लड़ना अपना कर्तव्य समझे, चाहे वह अन्याय उसका व्यक्तिगत न हो।
- बाबा अम्बेदकर

ब्रिटिश साम्राज्यवाद के बाद इस भारत में पहले बीस वर्ष के लिये तानाशाही राज कायम होनी चाहिये। एक तानाशाह ही देश से गद्दारों को निकाल सकता है। भारत को अपनी समस्याओं के समाधान के लिये एक कमाल पाशा की आवश्यकता है।
- नेताजी सुभाष

विनाश, रचना के लिये न केवल आवश्यक है, बल्कि अनिवार्य है।
- भगत सिंह

कुशासन का विरोध करना ईश्वर की आज्ञा मानना है।
- फ्रैंकलिन

सबसे बड़ा सुख उस काम को करने में है, जिसके बारे में लोग यह मानते हों कि आप उसे नहीं कर सकते।
- वाल्टर बेघाट

तय करें और जुट जायें। हिचकिचाने वालों ने आज तक इस दुनिया में कोई बड़ा या अच्छा काम नहीं किया है।
- थॉमस हक्सले

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