बुधवार, 5 अक्तूबर 2016

अध्याय- 32: महिला सशक्तिकरण सह जनसंख्या नियंत्रण

32.1    बिना किसी शैक्षणिक योग्यता के बन्धन के 16 से 20 वर्ष तक की अविवाहित महिलाओं को भर्ती करते हुए एक सम्पूर्ण महिला अर्द्धसैन्य बल का गठन किया जायेगा। (इसे ‘शक्ति सेना’ कह सकते हैं।)
32.2    उपर्युक्त भर्ती के समय जनसंख्या वृद्धि के लिये जो सामाजिक तबके और भौगोलिक क्षेत्र मुख्य रूप से जिम्मेवार हैं, उन तबकों तथा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जायेगी।
32.3    इस अर्द्धसैन्य टुकड़ी में महिलाओं को 28 वर्ष की उम्र में नौकरी छोड़ने की छूट होगी, ताकि वे विवाह कर सामान्य गृहस्थ जीवन बिता सकें। (नौकरी नहीं छोड़ने वाली महिलाओं को भी 28 वर्ष की उम्र के बाद ही विवाह की अनुमति दी जायेगी।)
32.4    नौकरी छोड़ते समय जितने वर्षों की सेवा किसी महिला ने की होगी, उतने ही वर्षों का अतिरिक्त वेतन उन्हें एकमुश्त धनराशी के रूप में दिया जायेगा।
32.5    यहाँ महिला अर्द्धसैनिकों के लिये सामान्य शिक्षा-दीक्षा, खेल-कूद, हस्तशिल्प इत्यादि की भी व्यवस्था होगी।
32.6    शक्ति सेना के लिए अलग से छावनियाँ नहीं बनाकर जिला स्तर पर बनने वाले ‘खेल गााँव’ में इनके लिए आवास की व्यवस्था की जायेगी, ताकि आपात्कालीन परिस्थितियों में अर्द्धसैनिकों का कर्तव्य निभाने के बाद बाकी समय में यह खेल-गाँव की देख-भाल कर सके।

    असैनिक नौकरियों में भी

32.7    अन्यान्य सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को 28 वर्ष की उम्र में नौकरी छोड़ने, एकमुश्त धनराशी (जितने वर्षों की सेवा उन्होंने की है, उतने ही वर्षों के वेतन के बराबर) प्राप्त करने की छूट होगी; साथ ही, नौकरी न छोड़ने की दशा में विवाह करने की अनुमति उन्हें 28 की उम्र के बाद ही प्रदान की जायेगी।
32.8    ‘शक्ति सेना’ या असैनिक (नागरिक) सेवा की जो महिला 28 की उम्र से पहले विवाह कर लेती हैं, उन्हें भी 28 वर्ष की उम्र में नौकरी छोड़ते समय एकमुश्त धनराशि का लाभ दिया जायेगा- बशर्ते कि वे तब तक माँ नहीं बनी हों।
***
 'घोषणापत्र' का PDF संस्करण डाउनलोड करने के लिए कृपया यहाँ क्लिक करें 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आह्वान

साथियों,  जय हिन्द 1943 में 21 अक्तूबर के दिन सिंगापुर में नेताजी सुभाष द्वारा स्थापित "स्वतंत्र भारत की अन्तरिम सरकार" ...