33.1 देह-व्यापार उन्मूलन की दिशा में पहले से कार्यरत सामाजिक संगठनों को सरकार की ओर से इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिये अधिकृत किया जायेगा और उन्हें हर प्रकार की सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।
33.2 इस व्यापार से जुड़ी महिलाओं के पुनर्वास के लिये राष्ट्रीय सरकार कुछ विशेष उद्योग (जैसे— सेना, पुलिस, विद्यालय और अन्यान्य सरकारी विभागों के लिये वर्दियों का सिलाई केन्द्र) स्थापित करेगी और इनके बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिये अलग से आवासीय विद्यालय तथा महाविद्यालय भी स्थापित करेगी। (हालाँकि देश के किसी भी विद्यालय/महाविद्यालय में दाखिला लेने के लिये वे स्वतंत्र होंगे।)
33.3 जो महिलाएं अपनी इच्छा से इस पेशे में रहना चाहें, उन्हें राज्य सरकार द्वारा बाकायदे पंजीकृत किया जायेगा और उन्हें अलग से एक पहचानपत्र (नागरिक पहचानपत्र के अलावे) दिया जायेगा, जिसमें नियमित डॉक्टरी जाँच के ब्यौरे भी दर्ज होंगे।
33.4 उपर्युक्त पहचानपत्रधारक के अलावे किसी और के द्वारा देह-व्यापार करना अनैतिक तो माना जायेगा ही, किसी तीसरे पक्ष द्वारा पुलिस-प्रशासन को शिकायत मिलने की दशा में इसे अपराध भी माना जायेगा।